रजनीगंधा, एक ऐसा फूल जो की मेक्सिकन मूल का होने के बावजूद भारत में रच बस चुका है . कुछ लोग गलती से 'रात की रानी' और 'रजनीगंधा' को एक ही फूल समझ लेते हैं, मगर दोनों बिल्कुल अलग है.
रात में खिलने वाले इस फूल की खुशबू बहुत प्यारी होती है. अगर आपके आसपास एक डाली भी खिल जाये तो भीनी भीनी खुशबू मन मोहती रहती. इस पौधे की ऊंचाई १६-१२० cm होती है. इससे निकलने वाले तेल से इत्र, साबुन इत्यादि बनाये जाते हैं.
हास्टल में रहने के बावजूद हमने एक छोटे से गमले में रजनीगंधा का पौधा लगा रखा है. उससे हम अपने पालतू पौधे की तरह बर्ताव करते है. और पानी देते वक़्त जब हम पूछते हैं-'कैसे हो?' तब उसके पत्ते हिल कर कहते हैं-'हम बिल्कुल ठीक हैं' और अगर कभी पानी देना भूल जाते हैं हम, तो यूँ लगता है कि वो शिकायत कर रहे हैं.
हमें अपना रजनीगंधा बहुत प्यारा है! उसके गमले कि मिट्टी छूते वक़्त बहुत अच्छा एहसास होता है, बहुत ख़ुशी मिलती है. दिल तो करता है कि एक बड़ा सा बाग़ बनाएँ और उसमें ढेर सारे पौधे लगाएँ.... काश!!!

itzz intrsting to see a girl having urdu on her tongue nd hindi in fingers.......nyc effort go ahead
प्रत्युत्तर देंहटाएंbenami ji, hum paida hue aur pale badhe hain hindi ke saath...hamari khoon men shamil hai ye..agar humne english liya hota to wo 'effort' hota..ye bhasha to hamari apni hai!! comment ke liye shukriya.
प्रत्युत्तर देंहटाएंआगामी शुक्रवार को चर्चा-मंच पर आपका स्वागत है
प्रत्युत्तर देंहटाएंआपकी यह रचना charchamanch.blogspot.com पर देखी जा सकेगी ।।
स्वागत करते पञ्च जन, मंच परम उल्लास ।
नए समर्थक जुट रहे, अथक अकथ अभ्यास ।
अथक अकथ अभ्यास, प्रेम के लिंक सँजोए ।
विकसित पुष्प पलाश, फाग का रंग भिगोए ।
शास्त्रीय सानिध्य, पाइए नव अभ्यागत ।
नियमित चर्चा होय, आपका स्वागत-स्वागत ।।
धन्यवाद रविकर जी!!
हटाएंबढ़िया!
प्रत्युत्तर देंहटाएंसुगंधित वातावरणमयी पोस्ट
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